उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड परिवहन को योगी-रावत ने दिखाई हरी झंडी

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लखनऊ । उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड परिवहन सेवा करार को मंजूरी मिल गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज इसी सिलसिले में लखनऊ मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात की। बैठक में दोनों राज्य के बीच परिवहन समझौते पर हस्ताक्षर हुए। समझौते के अनुसार उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसें उत्तराखंड के 216 मार्गों पर संचालित होगी, जबकि उत्तराखंड परिवहन निगम की बसें 335 मार्गों पर चल रही हैं।

उत्तराखंड के पास महज 667 परमिट हैं, जबकि यूपी परिवहन निगम के पास 1491 परमिट हैं। बता दें कि प्रदेश में जब योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी तो उन्होंने उत्तराखंड की सरकार के साथ समझौते की पहल की। दोनों सरकारों के बीच प्रारंभिक समझौता हुआ। इसके बाद बसों के संचालन को लेकर मार्ग तय होने के बाद इस पर सुझाव और आपत्तियां मांगे गए और अब दोनों प्रदेशों के बीच अंतिम समझौता हो गया।

इस समझौते के बाद दोनों प्रदेशों के प्रमुख शहरों के बीच बस सेवा और मजबूत हो जाएगी। उत्तराखंड के कई प्रमुख शहर जैसे देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा आदि शहरों के लिए यूपी से सीधी बसें चलने लगेंगी। कई प्रमुख मार्गों पर बसों की संख्या भी बढ़ जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी और मुख्यमंत्री रावत ने हरी झंडी दिखाकर कुंभ शटल सेवा की 51 एवं 3 सीएनजी बसों का शुभारंभ भी किया।

देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा और भाजपा के लोक कल्याण संकल्प पत्र के अनुरूप ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशानुरूप प्रदेश की जनता को उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड राज्यों के परिवहन निगमों की बसों के एक-दूसरे के राज्य में जनता को सुलभ एवं समन्वित यात्रा की सुविधा प्रदान करने के लिए दोनों राज्यों के मध्य होने वाले प्रारंभिक पारस्परिक परिवहन करार पर हस्ताक्षर किये जाने के अवसर पर उत्तराखण्ड राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य की गरिमामयी उपस्थिति में उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड राज्य के मध्य सम्पादित हुआ।

इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह (स्वतंत्र प्रभार) एवं संजीव सरन, अध्यक्ष परिवहन निगम, श्रीमती आराधना शुक्ला, प्रमुख सचिव, उ0प्र0 परिवहन विभाग, शैलेश बगौली, सचिव, परिवहन एवं परिवहन आयुक्त उत्तराखण्ड, बृजेश कुमार संत, प्रबन्ध निदेशक, उत्तराखण्ड परिवहन निगम, ब्रहम देव राम तिवारी अपर प्रबन्ध निदेशक उ0प्र0 परिवहन निगम व निगम के उच्चाधिकारीगण भी उपस्थित थे।

सरकार के घोषित संकल्प के अनुसार अभी तक राजस्थान, हरियाणा राज्य के साथ पारस्परिक परिवहन करार किये जा चुके हैं तथा हिमांचल प्रदेश, पंजाब राज्यों के साथ पारस्परिक परिवहन करार की प्रक्रिया गतिशील है। यह भी उल्लेख करना है कि पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के साथ समझौते के अंतर्गत उ0प्र0 के विभिन्न स्थानों से नेपाल के विभन्न स्थानों तक बस सेवा का संचालन भी किया जा रहा है। वर्ष 2019 में होने वाले कुम्भ मेले में प्रतिभाग करने के लिये जनता को, इस पारस्परिक परिवहन समझौते के उपरान्त समुचित परिवहन सुविधा प्राप्त हो सकेगी।

उत्तर प्रदेश में कुम्भ मेले के लिये परिवहन क्षेत्र में व्यापक व्यवस्थायें की गयी हैं, जिनके अंतर्गत, श्रद्धालुओं के स्थानीय यातायात के लिये निःशुल्क 500 शटल बसों की व्यवस्था के साथ-साथ उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों के माध्यम से प्रदेश के सभी मुख्य स्थानों से श्रद्धालुओं के प्रयागराज आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है। कुम्भ मेले के दौरान दूरस्थ पार्किंग स्थल से संगम के निकट तक पहुंचाने के लिये प्रथम बार निःशुल्क बस सेवा का प्राविधान किया जा रहा है।

इस हेतु प्रस्तावित 500 बसों में से 51 बसों को हरी झंडी दिखाकर आज शुभारम्भ किया जा रहा है, साथ ही 03 नयी सी0एन0जी0 बसों को भी हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में आगामी पांच माहों में लगभग 250 नयी बसें प्रति माह निगम बस बेड़े में सम्मिलित करने जा रहा है। पर्यावरण के दृष्टिगत् व ग्रीन फ्यूल के प्रयोग को बढ़ाने के लिये निगम द्वारा 250 सी0एन0जी0 निगम बसों व 72 अनुबन्धित सी0एन0जी0 बसों के साथ-साथ अनुबन्धित स्लीपर बसों को भी बस बेड़े में सम्मिलित किया जा रहा है

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