कानपुर : योजनाओं के लिए नहीं मिला बजट, सांसद बेखबर

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कानपुर : चुनावी मुहाने पर खड़ी भाजपा कभी कार्यकर्ताओं को झकझोरती है तो कभी अफसरों की ओर अंगुली उठाती है। चिंता और चर्चा यही है कि सरकार की योजनाओं का लाभ पूरी तरह से जनता को नहीं मिल पा रहा।

सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान चल चुका, लेकिन सड़कों पर पहले की तरह ही गड्ढे हैं। स्कूल और अस्पतालों की हालत पहले जैसी ही खराब है। हैंडपंप सूखे पड़े हैं। किसान हित और पर्यटन के बढ़ावे की बातें तो बहुत हुई, लेकिन काम होते नहीं दिखा। अफसर भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। दरअसल, कारण यह है कि योजनाओं की बाढ़ तो भरपूर आई, लेकिन बजट का सूखा ही है। तीन मई 2018 को उपमुख्यमंत्री एवं कानपुर के प्रभारी मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जिला योजना समिति की बैठक की।

बैठक में सभी विभागों ने प्रस्तावित योजनाएं और व्यय का आकलन रखा। तब लगभग 640 करोड़ रुपये का बजट विकास कार्यो के लिए मंजूर कर दिया गया। मगर, वास्तविक स्थिति यह है कि अधिकांश योजनाओं के लिए अब तक एक पैसा भी अवमुक्त नहीं हुआ है।

विभाग- पर्यटन

अनुमोदित बजट- 65 लाख रुपये

प्रस्तावित कार्य

– मां फूलमती मंदिर परिसर का स्थानीय पर्यटन हेतु विकास

मदारशाह मकनपुर का विकास

– भृगुश्रेणी गंगाघाट तट बिठूर का जीर्णोद्धार

– मां चंद्रिका देवी मंदिर गांव औरंगपुर सांभी का विकास

– दहेली सुजानपुर गांव में शिव मंदिर तालाब का स्थानीय पर्यटन हेतु विकास

– महाकवि भूषण की जन्मस्थली टिकवापुर का जीर्णोद्धार

– अज्योरी के बिहारेश्वर मंदिर का विकास।

अवमुक्त बजट- शून्य।

विभाग- लोक निर्माण विभाग

अनुमोदित बजट- 11030.25 लाख

प्रस्तावित कार्य

– ग्रामीण सड़कों का पुननिर्माण

– नई ग्रामीण सड़कों का निर्माण

अवमुक्त बजट- शून्य (सिर्फ पुराने लंबित प्रोजेक्ट के लिए मिले चार करोड़ रुपये)

विभाग- एलोपैथिक चिकित्सा

अनुमोदित बजट-1207.93 लाख रुपये

प्रस्तावित कार्य

– वरीपाल, मझावन, नर्वल और बिठूर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण

– प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जरकला (बिधनू), गढाथा, सजेती (घाटमपुर), गोपालपुर नर्वल और असधना (भीतरगांव) का निर्माण।

– मौजा सिंहपुर, ग्राम पंचायत दिलीपनगर, विकासखंड चौबेपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन के निर्माण हेतु प्रथम किश्त।

– प्लास्टिक सर्जरी और बर्न यूनिट का निर्माण।

– घाटमपुर और भीतरगांव ऐलोपैथिक चिकित्सालयों में रोगी आश्रय स्थलों का निर्माण।

अवमुक्त बजट- शून्य।

विभाग- आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा

अनुमोदित बजट- 60 लाख

प्रस्तावित कार्य

– ग्रामीण क्षेत्र शिवराजपुर, रमईपुर व पतारा में आयुर्वेदिक एवं यूनानी औषधालयों की स्थापना।

– शहरी क्षेत्र में हंसपुरम, आजाद नगर, मकड़ीखेड़ा, पनकी एवं कचहरी सिविल लाइन्स में आयुर्वेदिक एवं यूनानी औषधालयों की स्थापना।

अवमुक्त बजट- शून्य।

विभाग- होम्योपैथिक चिकित्सा

अनुमोदित बजट- 80 लाख रुपये

प्रस्तावित कार्य

– गांधीग्राम, जाजमऊ, आइआइटी कल्याणपुर में चिकित्सालय की स्थापना।

– ग्रामीण क्षेत्रों में रामपुर, भीमसेन, साढ़, सरसौल एवं बिल्हौर में चिकित्सालय की स्थापना।

अवमुक्त बजट- शून्य।

विभाग- नगरीय पेयजल

अनुमोदित बजट- 3089 लाख रुपये

प्रस्तावित कार्य

– 600 नए हैंडपंप का अधिष्ठापन, 2500 हैंडपंपों का रीबोर, 15 नलकूपों का रीबोर, तीन नए नलकूप और घाटमपुर नगर पालिका पुनर्गठन पेयजल योजना।

अवमुक्त बजट- शून्य।

विभाग- ग्रामीण पेयजल (ग्राम्य विकास)

अनुमोदित बजट- 4165.06 लाख रुपये

प्रस्तावित कार्य

– एक हजार नए हैंडपंप, 1500 हैंडपंपों का रीबोर।

– 46 पेयजल योजनाओं एवं पुरानी पाइप पेयजल योजनाएं सरसौल, पतारा, बिधनू, बरीपाल और पडरी लालपुर में, नलकूप रीबोर।

अवमुक्त बजट- शून्य।

……

”इस बारे में सटीक जानकारी नहीं है कि किन-किन योजनाओं में धन अवमुक्त नहीं हुआ है। जानकारी कर जनहितकारी योजनाओं के लिसरकार को पत्र लिखकर बजट जारी कराया जाएगा। – देवेंद्र सिंह भोले, सांसद

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