विजयादशमी उत्सव: भागवत बोले- जल्द से जल्द बनना चाहिए राम मंदिर

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नागपुर : आज नागपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) में विजयादशमी पर्व मना रहा है। मौके पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने पहले शस्त्र पूजा की और फिर लोगों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में भागवत ने कई मुद्दों पर अहम् बात की। उन्होंने राम मंदिर को लेकर भी सरकार जल्द से जल्द राम मंदिर निर्माण करने की बात रखी। वही साथ साथ भारतीय सेना को मजबूत करने की चिंता को भी साझा किया। भागवत ने महात्मा गांधी और गुरु नानक का जिक्र करते हुए भारतीय सेना को मजबूत बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि समाज में सब त्रुटियों को दूर कर उसके शिकार हुए समाज के अपने बंधुओं को स्नेह व सम्मान से गले लगाकर समाज में सद्भावपूर्ण व आत्मीय व्यवहार का प्रचलन बढ़ाना पड़ेगा।

मोहन भागवत ने अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंध रखने वाले वंचित समूह और प्रताड़ित लोगों को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने अर्बन नक्सल की अवधारणा का जिक्र करते हुए कहा कि देश में चले छोटे आंदोलनों में भारत तेरे टुकड़े होंगे कहने वाले भी दिखाई दिए। उन्होंने कहा, दृढ़ता से वन प्रदेशों में अथवा अन्य सुदूर क्षेत्रों में दबाये गये हिंसात्मक गतिविधियों के कर्ता-धर्ता व पृष्ठपोषण करने वाले अब शहरी माओवाद अर्बन नक्सलिज्म के पुरोधा बनकर राष्ट्रविरोधी आन्दोलनों में अग्रपंक्ति में दिखाई देते हैं।

इस पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर इनका खूब प्रचार चल रहा है और इसका कंटेंट पाकिस्तान, इटली और अमेरिका से आ रहा है। भागवत ने कहा कि पारिवारिक क्लेश से बचें और स्नेह, सद्भाव से समाज को बदले। घर के लोगों में संस्कार डालें। अपना चिंतन और व्यवहार ठीक करें। अपने प्रकृतिस्वभाव पर पक्का व स्थिर रहकर ही कोई देश उन्नत होता है। अंधानुकरण से नहीं। पाकिस्तान और चीन के खतरे के प्रति आगाह करते हुए आरएसएस प्रमुख ने कहा कि भारत सबके कल्याण की कामना करता है लेकिन दुनिया में हमारे दुश्मन भी हैं।

उन्होंने कहा, ‘उनसे तो बचने का उपाय करना होगा। पड़ोसी देश में सरकार बदली लेकिन सीमा के पास के राज्यों में उसकी क्रिया में कमी नहीं आई। हम ऐसा बनें कि शत्रु में हिम्मत न हो। सेना को इसी लिहाज से मजबूत बनाने की जरूरत है। पिछले सालों में भारत की दुनिया में प्रतिष्ठा बढ़ी है उसकी वजह यही है कि हम इस दिशा में आगे बढ़े हैं।

राममंदिर पर अपने विचार रखते हुए भागवत ने कहा कि जल्द से जल्द राम मंदिर बनना चाहिए। राष्ट्र के ‘स्व’ के गौरव के संदर्भ में अपने करोड़ों देशवासियों के साथ श्रीराम जन्मभूमि पर राष्ट्र के प्राणस्वरूप धर्ममर्यादा के विग्रहरूप श्रीरामचन्द्र का भव्य राममंदिर बनाने के प्रयास में संघ सहयोगी है। उन्होंने कहा कि सरकार कानून बनाकर राम मंदिर बनवाए। श्रीराम मंदिर का बनना स्वगौरव की दृष्टि से आवश्यक है, मंदिर बनने से देश में सद्भावना व एकात्मता का वातावरण बनेगा

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