यूपी : एनपीएस में दस हजार करोड़ का लेखाजोखा तक नही

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पुरानी पेंशन बहाल न हुई तो मिलने वालों की पेंशन भी हो जाएगी बंद

पुरानी पेंशन बहाली का शंखनाद
रैली के पाॅच प्रतिशत कर्मचारियों ने विधानसभा घेरी

लखनऊ। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच की महारैली में इको गार्डन पहुंची अप्रत्याशित भीड़ से उत्साहित मंच के नेताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली का यह शंखनाद अब तक तक नही रूकेगा जब तक सरकार पुरानी पेंशन बहाल नही कर देती।

सरकार इस बाॅत को अच्छी तरह से जानती है कि दिल्ली की कुर्सी के लिए रास्ता उत्तर प्रदेश से ही गुजरता है। उत्तर प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली का यह प्रचण्ड रूप अब हर राज्य में दिखाई पड़ेगा। इसके बाद देश का कर्मचारी दिल्ली पहुंच गया तो सरकार की कुर्सी हिलना तय है।

कर्मचारी शिक्षक अधिकारी नेताओं ने कहा कि देश के लगभग 2.50 करोड राज्य कर्मचारी और 32 लाख केन्द्रीय कर्मचारियों की नई पेंशन योजना के तहत अब तक लगभग दस हजार करोड़ रूपये नई पेंशन के नाम पर केन्द्र और राज्य कर्मचारियों के नाम से लिए गए लेकिन इस बड़ी धनराशि का कोई लेखा जोखा सरकारों के पास नही है।

वक्ताओं ने कहा कि अगर पुरानी पेंशन बहाल नही होती तो यह तय मानों की 2019 में केन्द्र सरकार उन लोगों को भी पेंशन न देने का ऐलान कर देगी जिन्हे देने का वायदा उसने किया है और जिन्हें वर्तमान में पेंशन मिल रही है। कर्मचारी शिक्षक अधिकारी नेताओं ने कहा कि हम अपनी पुरानी पेंशन बहाली के लिए मोर्चा खोल चुके है अब परिणाम की चिन्ता नही है। मंच का संचालन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव और इं. रविन्द्र श्रीवास्तव ने किया।

महारैली में मौजूद 2.30 लाख शिक्षक कर्मचारी अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कामरेड शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि इस जन सैलाब को देखकर सरकार यह समझ ले कि अब यह काॅरवा रूकने वाला नही है। सरकार को केन्द्र और राज्य कर्मचारियों को उनका हक ‘‘ पेंशन’’ तो देनी ही पड़ेगी।

कर्मचारी अधिकारी महापरिषद के पूर्व अध्यक्ष बाबा हरदेव सिंह ने अपने सम्बोधन में कर्मचारियों का उत्साहबर्धन करते हुए कहा कि अगर आप एक रहे तो बहुत जल्द सरकार पुरानी पेंशन बहाल करेगी। उत्तर प्रदेश राजस्व अधिकारी संघ के निखिल शुक्ला ने कहा कि सरकार की इस योजना से छोटे से लेकर बड़े स्तर तक के कर्मचारी नाराज है,

लेकिन आला अफसर डर के मारे विरोध नही कर पा रहे है लेकिन अन्दर से वे भी हमारे साथ है। मंच के अध्यक्ष डा. दिनेश चंद शर्मा ने कहा कि यह तो सीधे सीेधे धोखा है। वे ऐसा नही कर सकते एक वर्ग को पेंशन मिलेगी और दूसरे को नही मिलेगी यह दोहरी नीति और कर्मचारी शिक्षक बर्दाश्त नही करेगें। मंच संयोजक हरिकिशोर तिवारी ने कहा कि लम्बे अरसे से हम केन्द्र और राज्य सरकार को पुरानी पेंशन बहाली के लिए शांति पूर्ण तरीके से अनुरोध कर चुके है।

पुरानी पेंशन बहाली के लिए वर्ष 2013 में साइकिल रैली के माध्यम से भी सरकार को आगह किया गया है। अब अगर सरकार इस महारैली के बाद भी ठोस परिणाम देती तो सरकार और उसके कर्मचारियों और शिक्षकोंका टकराव तय माना जाए। मंच पूरे देश में भ्रमण कर चुका है, पुरानी पेंशन बहाली के लिए महौल बन चुका है अब फैसला सरकार को लेना है।

अगर सरकार फैसला नही लेती तो परिणाम ठीक नही होगें। परिषद के संगठन मंत्री संजीव गुप्ता ने इस दौरान सरकार को चेतावनी दी कि अब कर्मचारी अकेला नही अधिकारी भी उसके साथ है। महारैली को अधिकारी महापरिषद के अध्यक्ष डा. एस.के. सिंह, इन्द्रासन सिंह, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के अध्यक्ष इं. राकेश त्यागी, डी.एन.सिंह, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष अमरनाथ यादव, कामरेड़ आर.के. पाण्डेय, जे.पी. सिंह इनकम टैक्स, वीरेन्द्र तिवारी पोस्टल,एच.एन मिश्रा, शिक्षक संघ के संजय सिंह, एमएलसी राजबहादूर चंदेल, संजय मिश्रा, कांति सिंह,सुधीर पावर, हरिनाम सिंह, बलराम सिंह, बालकष्ण ओझा गुजरात,विष्णु तिवारी, अनुज शुक्ला,आईएन त्रिपाठी, एमएलसी उमेश द्विवेदी,यादवेन्द्र मिश्रा, ओंकार नाथ तिवारी, रेनु शुक्ला, आनंद वर्मा, रामफेर पाण्डेय, त्रिलोक सिंह, एच.एन. मिश्रा, रामराज दुबे, सुरेश सिंह यादव, अमिता त्रिपाठी, अविनाश चंद श्रीवास्तव, वी.एस. डोलिया, बलराम सिंह, इं. दिवाकर राय, बी.के. कुशवाहा, इं. एस.पी. गुप्ता, इं. एस.डी. द्विवेदी, इं. ओ.पी. राय,डा. वी.एस. चैहान, नरेन्द्र नेगी, रामनागीना,राममूरत यादव, गौतम त्रिपाठी,प्रेम कुमार सिंह, सत्यप्रकाश मिश्रा, आदि ने सम्बोधित किया।

मंच के सदस्यों ने घेर ली विधानसभा

उधर इको गार्डन में कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच की आमसभा चल रही थी, एक प्रतिनिधि मण्डल उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से मिले संदेश में मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा और मुख्य सचिव सहित शासन अफसरों के साथ वार्ता के लिए रवाना हुआ तो दूसरी तरफ वार्ता में कुछ सहमति न मिलने की आशंका के चलते हजार के करीब मंच के सदस्यों ने डिप्लोमा इंजीनियर्स और नगर निगम कार्मिकों तथा राजकीय वाहन चालक महासंध के सदस्यो के साथ विधान भवन का घेराव कर लिया।

लगभग यह घेराव आधें घन्टे चला। इसकी सूचना जब मंच के संयोजक को मिली तो उन्होंने सदस्यों से अपील कर उन्हें घेराव रोकने का निर्देश दिया। इस घेराव में डिप्लोमा इंजीनियर्स के राजर्षि त्रिपाठी, प्रदीप शुक्ला, दिवाकर गौतम,इं. दिवाकर राय, जी.एन. ंिसंह,राजेश वर्मा, रामवीर सिंह यादव,राजकरन पटेल, राजीव गंगवार, नगर निगम कर्मचारी संघ के आनंद वर्मा, मो. शोएब, शमील एखलाक, हेमन्त कुमार, शत्रोहन बालम्किी और राजकीय वाहन चालक संघ के त्रिलोक ंिसह, राजनीश सिंह, रमेश सिंह आदि ने हजारों लोगों के साथ विधान भवन का घेराव किया।

उपमुख्यमंत्री से वार्ता विफल

कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच के आन्दोलन के बीच शासन स्तर पर आमंत्रण के बाद मंच का ग्यारह सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल की वार्ता मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा और मुख्य सचिव सहित आला अफसरों की मौजूदगी में हुई। वार्ता के दौरान उप मुख्यमंत्री द्वारा हर मामले में अनभिज्ञता और आश्वासन मिलने के बाद मंच की तरफ से वार्ता को असफल बताते हुए आन्दोलन जारी रखने का ऐलान किया गया।

इस द्विपक्षीय वार्ता में मंच की तरफ से बाबा हरदेव सिंह, डा. दिनेश शर्मा, हरिकिशोर तिवारी, एमएलसी संजय मिश्रा, राजबहादूर चंदेल, निखिल शुक्ला, हरिनाम सिंह, सुधीर पवार, रामफेर पाण्डेय और रामराज दुबे मौजूद थे।

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