Kanpur: जाँच के बाद तीन कंडक्टर बर्खास्त, कई और पर कार्यवाही संभव

0
53

कानपुर। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में इलेक्ट्रानिक्स टिकट मशीन (ईटीएम) में गड़बड़ी का मामला उजागर होने के बाद कानपुर के कर्मियों पर भी शक की सुई घूम गई है। परिवहन एमडी ने उच्चस्तरीय टीम गठित कर दी है।

यह टीम पूरे प्रदेश में परिचालकों द्वारा प्रयोग की जारी ईटीएम के साफ्टवेयर की नए सिरे से जांच करेगी। बता दें, आगरा, मथुरा और अलीगढ़ क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर हेराफेरी पकड़ी जा चुकी है।

टिकट मशीन से छेड़छाड़ पर तीन कंडक्टर हो चुके बर्खास्त

परिवहन निगम में एमएसटी घोटाले की जांच अभी पूरी भी नहीं हो पायी है कि अब टिकट मशीन में छेड़छाड़ के मामले सामने आने लगे हैं। आरोप है कि संविदा परिचालक अंकित कुमार ने जुलाई और अगस्त में पांच दिन मशीन के साथ छेड़छाड़ की। यातायात निरीक्षक ने जांच में उन्हें दोषी पाया था।

परिचालक हृदय राम ने जुलाई में दो दिन और अगस्त में एक दिन मशीन से छेड़छाड़ की है। परिचालक अजय कुमार चार दिन मशीन में छेड़छाड़ करके टिकटों में हेराफेरी की। क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल जैन ने बताया कि तीनों परिचालकों को बर्खास्त कर दिया गया है। मामले की अब विस्तृत जांच होगी।

परिवहन विभाग के राडार पर हैं कई चालक परिचालक

परिवहन एमडी पी गुरु प्रसाद ने बताया कि अपर प्रबंध निदेशक ब्रह्मïदेव राम तिवारी की अध्यक्षता में टीम जांच कर रही है। कई परिचालक जांच के रडार पर हैं और उन पर कार्रवाई होना तय है। उन्होंने कहा कि आगरा, अलीगढ़ और मथुरा में बसों के टिकटों में हेराफेरी का खेल कोई नया नहीं था, लेकिन अब पकड़ में आया। फतेहपुर डिपो का एक परिचालक भी ईटीएम में छेड़छाड़ करते पाया गया है, जिसे कानपुर परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल जैन ने बर्खास्त कर दिया है। कानपुर परिक्षेत्र में चार परिचालक बर्खास्त किए जा चुके हैं।

रोडवेज में अब तक पकड़े गए घोटाले

मैनुअल टिकटों को कई बार प्रयोग में लाना।

ऑनलाइन व मैनुअल एमएसटी घोटाला।

ईटीएम में छेड़छाड़।

चालकों से रिश्वत लेने का मामला।

पूरी बस बिना टिकट यात्रियों को ढोने का मामला।

इन बिंदुओं पर भी जांच

परिचालकों को ईटीएम देने से पूर्व कहां क्या इंट्री होती है।

ईटीएम में कैसे क्या खेल हो सकता है।

ईटीएम की देखरेख कौन करता है।

ईटीएम की रिपेयङ्क्षरग कैसे होती है।

ईटीएम की चेकिंग कब और किसने की।

ईटीएम की फीडिंग में छेड़छाड़ अभी तक क्यों पकड़ में नहीं आई।

यदि कभी कोई गड़बड़ी पकड़ी गई तो क्या आरएम या डिपो के एआरएम को इसकी जानकारी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here