सूर्य को अर्घ्य दे महिलाओं ने मांगा आशीष, सूर्यषष्ठी देवी गीतों से गूंजें घाट

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कानपुर, 26 अक्टूबर । बिहार, उत्तर प्रदेश के अलावा कई राज्यों सहित पूरे देश इन दिनों छठ पर्व का उत्साह देखते ही बन रहा है। पर्व की शुरूआत करते हुए महिलाओं द्वारा पूजा का नजारा गुरूवार को जनपद की नहरों किनारे देखते ही बन रहा था। व्रति महिलाओं ने सूर्य को अर्घ्य दिया। देर शाम तक तालाबों, स्थानीय नहरों और नदियों के किनारे बने घाटों पर सूर्यषष्ठी देवी गीतों से गुंजायमान रहें। 
जिले में लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के पहले दिने व्रतियों ने जल में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया। इस दौरान महिलाएं काफी देर तक घुटने तक भरे जल में खड़ी होकर पूजन-अर्चना करती रहीं। छठ वेदिका के किनारे गन्ना खड़ाकर खुद के उपजाए गए अनाजों और खाद्य सामग्रियों के साथ इस व्रत पूजन करते हुए महिलाएं प्रफुल्लित दिखी। पनकी नहर के अर्मापुर, शास्त्री नगर, पांडु नगर आदि जगहों पर महिलाएं छठ व्रत रखकर सूर्यषष्ठी देवी की आराधना की।
श्रद्धालु महिलाएं पूजा अर्चना को दोपहर से ही नहर व कृत्रिम तालाबों के किनारे बनाई गई वेदियों के पास पहुंचने को घर से निकलकर पहुंचने लगी थी। नहर व तालाबों आदि जलस्रोतों की किनारे पहुंचे व्रतियों ने वेदिका के निकट बैठकर घंटों आराधना की। पनकी नहर व शहर के कई जगहों पर बनाये गये कृत्रिम तालाबों पर खासी भीड़ रही। सूप और टोकरी में फल, फूल के साथ प्रसाद लिए घाटों तक पहुंचने वाले व्रतियों की वजह से रास्तों पर जाम की स्थिति बनी रही। इतना ही नहीं छठ पूजा में खास तौर पर कोशी भरवाने वाले श्रद्धालु और उनके परिवार के लोग माथे पर छठ का दउरा लेकर घाटों तक पहुंचने को आतुर दिखें।

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