कानपुर: आय दोगुना करने के लिए किसानों को फसलों की दें जानकारी : सहकारिता मंत्री

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कानपुर, 23 मई । कौशल विकास योजना के तहत किसानों को विभिन्न फसलों के संबंध में रोजगार के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाये, तभी वह उन्नति खेती का लाभ उठा पायेंगे। किसानों की आय को दोगुना करने के लिये यह भी आवश्यक है कि वह अपनी मौसमी फसलों के साथ साथ खेतों में सब्जी, फल आदि का भी उत्पादन बढ़ाये।

1-51 लाख मैट्रिक टन गेंहू मण्डल में खरीद का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें लगभग 68 हजार मैट्रिक टन गेंहू खरीदा जा चुका है। लेकिन यह खरीद की गति बहुत धीमी है सभी क्रय एजेंसियों को खरीद में तेजी लानी हैं, इसके साथ ही किसानों  का भुगतान भी समय से मिलना चाहिये।

यह निर्देश मंत्री/प्रभारी मंत्री सहकारिता मुकुट बिहारी वर्मा ने गुरूवार को सर्किट हाउस में अधिकारियों की मण्डलीय विभागीय समीक्षा बैठक में दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी क्रय केन्द्रों पर पर्याप्त मात्रा में बोरां की व्यवस्था रहे। वैसे सभी केन्द्रों पर धन पर्याप्त मात्रा में किसानो के लिए उपलब्ध है फिर भी किसानों को परेशानी न हो इसलिए पहले से ही धनराशि उपलब्ध होनी चाहिए। समीक्षा में उन्होंने पाया कि मण्डल के कुछ किसानों का भुगतान नहीं हो पाया है इस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उनका भुगतान अतिशीघ्र पूरा किया जाये।
मंत्री जी ने कहा कि शासन ने गेंहू क्रय मूल्य 1,635 रूपये प्रति कुन्टल निर्धारित किया है। क्रय एजेंसियों का दायित्व है कि वह किसानों को क्रय केंद्रों पर लाये। इसके लिए उन्हें किसानो के खलियानों तक भी जाना पड़ेगा, तो जाये। बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में गेंहू रखने में समस्या आती हैं, इसको दूर करा दिया जायें। इस पर मंत्री ने निर्देशित किया कि आप किसानों का गेंहू गोदामों तक पहुँचायें और उनके अधिकारियों से वर्ता कर गेहूं गोदामों में रखवाये।
सहकारिता मंत्री ने किसानों को फसली ऋण वितरण पर विशेष रूप से अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह यह सुनिश्चित करें कि उन्हें समय से ऋण उपलब्ध हो जाये। यदि किसान को समय से ऋण मिलेगा तो वसूली भी आसानी से हो जायेगी।

समीक्षा में उन्होंने पाया कि इटावा एवं औरैया में फसली ऋण वितरण नहीं हुआ हैं, उस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों से पूछा कि क्या यहाँ पर किसान नहीं रहते जो उनको ऋण वितरण नहीं किया गया। अतः स्पष्ट है कि ऋण वितरण में लापरवाही हुई हैं। जबकि फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर में ऋण वितरण होना पाया गया, लेकिन लक्ष्य से कम। इस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को समय से ऋण अवश्य दे, जो अधिकारी इस कार्य में लापरवाही बरतेगा उसके विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी।
मंत्री द्वारा निर्देशित किया कि कानपुर मण्डल में कम से कम विभिन्न अधिकारियों द्वारा लगभग 40 सोसाइटियां गोद ली जाये और उन्हें इस प्रकार विकसित किया जाये कि वह मण्डल की ही नहीं बल्कि प्रदेश स्तर की सोसाइटियां बन जाये। बैठक में आरएफसी  आर. एन. बाजपेई एवं मण्डल के सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थ

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